नन्हे बच्चे इस प्यारी कहानी "पीक-ए-बू की दुनिया!" के माध्यम से दयालुता और दूसरों की भावनाओं को समझने का महत्व सीखेंगे। टीना को अपने छोटे भाई टिम्मी के साथ "पीक-ए-बू" खेलना बहुत पसंद है। वह कभी अलमारी से तो कभी खिलौनों के संदूक से अचानक बाहर आकर "झाँक-झाँक!" कहकर टिम्मी को डरा देती है। टिम्मी बार-बार उससे ऐसा न करने की विनती करता है, लेकिन टीना को यह खेल बहुत मज़ेदार लगता है और वह समझ नहीं पाती कि उसका भाई क्यों डर जाता है। एक रात टीना एक जादुई सपना देखती है और "झाँक-झाँक की दुनिया" पहुँच जाती है, जहाँ हर कोई उसे अचानक चौंकाकर डराता है। इस अनोखे अनुभव के बाद क्या टीना समझ पाएगी कि टिम्मी को कैसा महसूस होता था? एक सुखद और भावनात्मक अंत वाली यह कहानी बच्चों को सहानुभूति, दयालुता और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना सिखाते हुए पढ़ने का आनंद भी देती है।