"बुलबुले उड़ते ही गए" एक मज़ेदार, चुलबुली और हँसी से भरपूर बाल-कहानी है, जिसमें दोहराव, लय और भरपूर मनोरंजन है। जब एक नन्ही बच्ची बाथटब में "बस थोड़ा-सा" बबल बाथ डालती है, तो बुलबुले लगातार बढ़ते जाते हैं, फर्श पर फैल जाते हैं और नहाने का समय एक मज़ेदार बुलबुलों वाली डांस पार्टी में बदल जाता है। प्रीस्कूल और किंडरगार्टन के बच्चों के लिए उपयुक्त यह मनोरंजक पुस्तक प्रारंभिक साक्षरता, सुनने की क्षमता, घटनाओं के क्रम (सीक्वेंसिंग) को समझने और गतिविधि के साथ सीखने को प्रोत्साहित करती है। इसकी लयात्मक और बार-बार दोहराई जाने वाली पंक्तियाँ बच्चों को हर बार बुलबुलों के साथ गुनगुनाने और कहानी में शामिल होने के लिए प्रेरित करती हैं। नहाने के समय, कक्षा में कहानी सुनाने, संगीत और गतिविधि सत्रों तथा पूरे परिवार के साथ पढ़ने के लिए यह एक आदर्श पुस्तक है। यह आनंद, ऊर्जा और कल्पना से भरपूर कहानी एक छोटी-सी गड़बड़ी को जीवनभर याद रहने वाली खुशियों में बदल देती है।