समुद्र की गहराइयों में बसे खूबसूरत "मत्स्यकन्याओं के देश" में रहने वाली सभी मत्स्यकन्याएँ एक जैसी दिखती थीं-गुलाबी रंग का शरीर और हरी पूँछ। लेकिन एक दिन एक छोटी-सी मत्स्यकन्या अपने खोल से बाहर आई, जो सबसे अलग थी। उसका रंग बैंगनी था। क्या वह अपने इस अलग रूप को अपनाने का साहस जुटा पाएगी, और क्या बाकी मत्स्यकन्याएँ उसे स्वीकार करेंगी? रेत के महलों, समुद्री घोड़ों और मूंगे के पेड़ों से सजी इस मनमोहक कहानी में छोटे पाठक विविधता, आत्मविश्वास और सभी को अपनाने का सुंदर संदेश सीखेंगे। सरल भाषा और आकर्षक चित्रों से सजी यह पुस्तक बच्चों में पढ़ने के प्रति आजीवन रुचि और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।