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Jeevani Swami Vivekananda

Shubham Gupta
(0)
Year
2024
Language
English

About

संन्यास का अर्थ है मृत्यु के प्रति प्रेम। सांसारिक लोग जीवन से प्रेम करते हैं परन्तु संन्यासी के लिए प्रेम करने को मृत्यु है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम आत्महत्या कर लें। आत्महत्या करने वालों को तो कभी मृत्यु प्यारी नहीं होती है। संन्यासी का धर्म है समस्त संसार के हित के लिए निरंतर आत्मत्याग करते हुए धीरे-धीरे मृत्यु को प्राप्त हो जाना।

- स्वामी विवेकानंद

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