शनिवार की सुबह खेत में हर ओर चहल-पहल और जानवरों की प्यारी आवाज़ें गूँज रही हैं। जैसे ही रॉबी मुर्गा ज़ोर से "कुकड़ू-कूँ!" करता है, ज़ैक जाग जाता है और खेलने के लिए उत्साहित हो उठता है। वह रसोई में नाश्ता करने तो जाता है, लेकिन सोचता है कि उसके पास नाश्ते के लिए समय नहीं है। वह तुरंत घोड़े होरेस के पास खेलने दौड़ पड़ता है, पर होरेस अपने घास के नाश्ते में व्यस्त होता है। फिर ज़ैक की मुलाकात क्लारा गाय और कोरी मुर्गी से होती है। क्या ज़ैक समझ पाएगा कि नाश्ता करना क्यों ज़रूरी है? मज़ेदार ध्वनि-प्रभावों, मनमोहक संगीत और प्यारे खेत के जानवरों से सजी "वह लड़का जो नाश्ता नहीं करना चाहता था" की यह मनोरंजक कहानी बच्चों को स्वस्थ आदतों का महत्व सिखाती है और पढ़ने के प्रति आजीवन प्रेम जगाने के लिए प्रेरित करती है।