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प्यार का रोग जो एक बार लग जाए भला कहाँ आसानी से छूटता है. वैसे भी पहला प्यार बेहद खास होता है. बरसों से अकेली रह रही मीमांसा के जीवन में दस्तक देता है उसका खोया हुआ प्यार... पर अब दूरियां गहरी खाई में बदल चुकी हैं. क्या गौतम इस खाई को पाट पाएगा, क्या मीमांसा के दिल में वह पहले सी मोहब्बत जगा पाएगा?
