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उस के ख़याल की नुमूद अहद-ब-अहद जावेदाँ
बस ये कहो कि 'जौन' है ये न कहो कि मर गया
चूँकि जौन एक क़ाबिल-ए-एहतिराम शख़्सियत हैं इसलिए उनकी गुमशुदगी को उनकी मर्ज़ी माना जाएगा और इस वाक़ए को भी उनमें गिना जाएगा जो अपने आप हो जाते हैं।
Written by Mohd Aqib
बस ये कहो कि 'जौन' है ये न कहो कि मर गया
चूँकि जौन एक क़ाबिल-ए-एहतिराम शख़्सियत हैं इसलिए उनकी गुमशुदगी को उनकी मर्ज़ी माना जाएगा और इस वाक़ए को भी उनमें गिना जाएगा जो अपने आप हो जाते हैं।
Written by Mohd Aqib
