संजीवनी बूटी लाए हनुमान : अपने पुत्र मेघनाद की मौत की समाचार सुनकर रावण टूट गया. वह गुस्से में युद्ध भूमि पहुंचा और उसने अपने भाई और बेटे का का बदला लेने के लिए लक्ष्मण पर शक्ति वाण छोड़ दिया. शक्ति लगते ही लक्ष्मण अचेत हो गए. अब केवल संजीवनी बूटी ही लक्ष्मण के प्राण बचा सकती थी. ये बूटी हिमालय पर ही मिल सकती थी. संजीवनी बूटी लाने में हनुमान की बहुत बड़ी मदद एक अप्सरा ने की. आखिर कौन थी वो अप्सरा? उसने हनुमान की मदद कैसे की? हनुमान ने हजारों जड़ी बूटियों में संजीवनी बूटी को कैसे पहचाना?