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श्रीनि बिना किसी शिकन के अपना काम कर रहा था. उसने Tommy की आँखें
निकालनी शुरू कीं. लाश की हालत बहुत ज़्यादा ख़राब हो गयी थी. कीड़े मकोड़ों ने आधी
लाश खा ली थी और बाकी आधी खाने की फ़िराक में थे. श्रीनि ने मुड़कर माही की दिशा में
देखा तो वो अब भी पेड़ के नीचे बैठी थी पर उसकी नज़र श्रीनि पर थी. फिर श्रीनि ने अपनी
घड़ी देखी, चार बजने में ज़्यादा वक़्त नहीं था. उसने फिर से माही को देखा और एक फ़ैसला
लिया. उसने अपने bag में से एक cutter निकाला और Tommy की गर्दन काटकर एक
bag में डाल दी. फिर उसने उस bag को seal करके बगल में रख दिया.
निकालनी शुरू कीं. लाश की हालत बहुत ज़्यादा ख़राब हो गयी थी. कीड़े मकोड़ों ने आधी
लाश खा ली थी और बाकी आधी खाने की फ़िराक में थे. श्रीनि ने मुड़कर माही की दिशा में
देखा तो वो अब भी पेड़ के नीचे बैठी थी पर उसकी नज़र श्रीनि पर थी. फिर श्रीनि ने अपनी
घड़ी देखी, चार बजने में ज़्यादा वक़्त नहीं था. उसने फिर से माही को देखा और एक फ़ैसला
लिया. उसने अपने bag में से एक cutter निकाला और Tommy की गर्दन काटकर एक
bag में डाल दी. फिर उसने उस bag को seal करके बगल में रख दिया.
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Extended Details
- SeriesMumbai Detectives (Hindi) #4