कोणार्क का SunTemple स्थापत्य कला की दृष्टि से बेहद अनूठा है. ये संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है- कोण और अर्क. कोण यानी एंगल, कोना या corner, और अर्क का मतलब है सूर्य... ऐसा माना जाता है यह मंदिर एक ऐसा कोना है, जहाँ सूर्य भगवान स्वयं बसते हैं. लोग तो ये भी मानते है कि इस मंदिर को ऐसे angle में बनाया गया है, जो हर रोज़ एक अद्भुत नज़ारे की वजह बनता है. सुबह और शाम, एक निश्चित समय पर ऐसा लगता है, जैसे सूर्य भगवान, इस रथ पर सवार होकर समुद्र से बाहर निकल रहे हैं.