प्रेत!:अबू जार के मारे जाने से सब खुश है. हर तरफ से उसकी बहादुरी के लिए बधाई संदेश आ रहे हैं. लेकिन मेजर समर प्रताप चाहकर भी खुश नहीं हो पाता है. तभी उसको मालूम चलता है कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने शबनम के पिता की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी है. बाद में शबनम के फोन कॉल टैपिंग से पता चलता है कि अबू जार अभी भी जिंदा है और वो शबनम के खून का प्यासा है.