अतीत दोहराता है - कहते हैं कि आपका किया आपके सामने जरूर आता है. कुछ ऐसा ही उदय के साथ होता है. सूर्यदेव और पवन से बचकर भागते हुए उदय उसी जगह पहुँच जाता है जहाँ उसने 20 साल पहले पवन के साथ मिलकर एक दिल दहलाने वाली घटना को अंजाम दिया था. वहीं कुछ सबूत मिलने की आस में हिल हाउस के backyard के कुएं में उतरे समर्थ को एक कंकाल मिलता है. किसका है वो कंकाल? क्या होगा उदय का अंजाम?