अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध कवि शिव के कुमार की यह पुस्तक सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की प्रक्रिया के बारे में है. एक राजकुमार विवाह और राजधर्म से परे कैसे सत्य की खोज में सब त्याग कर चल पड़ता है इसे सिद्धार्थ के मन के भीतर से समझने की एक यात्रा है निर्वाण की राह पर.