डॉ. भुवने᳡र ि᳇वेदी ᮧयागराज जनपद केिनवासी एवं िह᭠दी सािह᭜य के यश᭭वी सािह᭜यकार तथा ᮧा᭟यापक हᱹ उ᭠हᲂने अपने सृजन कौशल के बल पर िह᭠दी कᳱ अि᭭मता को वᳶत ᳰकया है ि᳇वेदी जी के 27 शोध पᮢ /आलखे तथा कई आलोचना᭜मक आलेख िविवध पिᮢकाᲐ एवं पु᭭तकᲂ मᱶᮧकािशत हो चुके हᱹ उ᭠हᲂने चार का᳞ संᮕह (अनुभूित का पाथेय, उलटा-पलटा, मन मानी, व᭱त के पथरीले पथ ) का ᮧणयन ᳰकया है, जो ᮧकािशत हो चुके हᱹ एक शोध ᮕ᭠थ (डॉ.श᭥भुनाथ ᳲसह : नवगीत सृजन एवं ᭭वᱨप ), एक िनबंध संᮕह ( आड᭥बरी भव ! ) तथा एक आचोचना ᮕ᭠थ (शोधालेख) भी ᮧकािशत हो चुकᳱ है नई िशᭃा नीित 2020 के अंतगᭅत संचािलत पाᲹᮓम म िह ᱶ ᭠दी माइनर के ᳩातक ᮧथम एवं ि᳇तीय सेमे᭭टर के िव᳒ाᳶथयᲂ के िलए आपने भारतीय मानक िह᭠दी (सरं चना एवं अनुᮧयोग) नामक पु᭭तक भी ᮧणयन ᳰकया यह पु᭭तक ᮧकािशत हो चुकᳱ है कु ल िमलाकर आपकᳱ आठ रचनाएँᮧकािशत हो चुकᳱ हᱹ ि᳇वेदी जी ने अंताराि᳦य एवं राि᳦य ᭭तर पर ३३ संगोि᳧यᲂ मᱶᮧितभाग ᳰकया करते ᱟए शोध आलेख ᮧ᭭तुत ᳰकया है,साथ ही कई संगोि᳧यᲂ का सᲱालन भी उनके ᳇ारा ᳰकया गया है दशे के िविभ᳖ भागᲂ–जनपदᲂ मᱶ ि᳇वेदी जी का ᳞ायान होता रहता है उ᭠हᲂने लगभग ३५० ऑनलाइन संगोि᳧यᲂ एवं वेिबनरᲂ म भी सहभािगता एवं स ᱶ Ჱालन ᳰकया है वेकई सािहि᭜यक सं᭭थाᲐ मᱶ सद᭭य भी हᱹ स᭥ᮧित वे एस.एस.पी.पी.डी.पी.जी.कॉलजे , ितसुही, मिड़हान, जनपद मीरजापुर ,उᱫर ᮧदशे (स᭥ब- महा᭜मा गाँधी काशी िव᳒ापीठ, वाराणसी, उᱫर ᮧदशे ) म िहᱶ ᭠दी भाषा-सािह᭜य के ᮧा᭟यापक हᱹ