साधना तुम्हारे भीतर साधना का अभाव नहीं था बस तुम अनजान रहे अपनी शक्तियों के प्रति। याद करो तुम ही बो केतु वाले हो उम्र 40 की होने ke बाद पता चलता है की jeevan ke लिए क्या आवश्यक है। परंतु ketu wale bachpan में ही यह jaan जाते हैं केतु का कोई अस्तित्व नहीं था यह तो राहु नामक राक्षस के शरीर का गर्दन से निचला हिस्सा है। इसके पास सिर नहीं है इसलिए बुद्धि भी नहीं है। परंतु हृदय है इसलिए यह एक भक्त है