लड़की का चक्कर: पुलिस को आशीष का चश्मा आरे कॉलोनी में मिलता है जबकि उसके फोन की लास्ट लोकेशन पालघर दिखाती है. और घटना के बाद से उसका फोन स्विच ऑफ है. इंस्पेक्टर प्रधान जब इन सिरों को जोड़ता है तो पाता है कि पालघर में orphanage है. उसे आशीष के कॉल्स से पता चलता है कि वह रोजी नाम की जिस लड़की के प्यार में था, वो उसी orphanage में रह रही थी. अभिमन्यु जब तक रोजी तक पहुँच पाता, रोजी की भी हत्या हो जाती है.