21 कविताएँ : यथार्थ एवं कल्पनाएँ एक संवेदनशील और विचारशील कविता-संग्रह है, जिसमें जीवन के विभिन्न रंगों, अनुभवों, भावनाओं और कल्पनाओं को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह संग्रह यथार्थ की सच्चाइयों और कल्पना की उड़ान के बीच एक सुंदर संवाद स्थापित करता है। इन कविताओं में जीवन के सुख-दुःख, रिश्तों की संवेदनाएँ, प्रेम, अकेलापन, संघर्ष, आशा, सपने, सामाजिक परिस्थितियाँ और मानवीय भावनाएँ अलग-अलग रूपों में दिखाई देती हैं। कहीं कविताएँ जीवन की वास्तविकताओं से रूबरू कराती हैं, तो कहीं कल्पना के माध्यम से मन के उन भावों को व्यक्त करती हैं जिन्हें शब्दों में कहना आसान नहीं होता। डॉ. अनुराग शर्मा की रचनाएँ पाठक को केवल कविता पढ़ने तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन, संबंधों और आसपास की दुनिया को एक नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती हैं। सरल, भावपूर्ण और चिंतनशील भाषा में रचा गया यह संग्रह कविता-प्रेमियों और साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक सार्थक पाठकीय अनुभव प्रस्तुत करता है। "21 कविताएँ : यथार्थ एवं कल्पनाएँ" उन भावनाओं और विचारों की काव्यात्मक यात्रा है, जहाँ यथार्थ जीवन से मिलता है और कल्पना उसे एक नया अर्थ देती है।